गुरुद्वारे में चल रही सभा पर अंग्रेजों ने चलवाई थी गोलियां, 70 लोगों की गई थी जान

4 मार्च 1921 को ननकाना साहिब में हुए नरसंहार में 70 भारतीयों की जान गई थी। ये नरसंहार ननकाना स्थित ननकाना साहिब गुरुद्वारे(जो अब पाकिस्तान में है) में हुआ था।

बात तब की है,जब देश में अंग्रेज शासन के खिलाफ असहयोग आंदोलन शुरू ही हुआ था। ननकाना साहिब गुरुद्वारे में स्थानीय लोगों ने मिलकर शांतिपूर्ण ढंग से एक सभा का आयोजन किया था। सभा चल ही रही थी कि अंग्रेज सैनिक यहां पहुंच गए और गोलियां चला दीं।

सभा में मौजूद 70 लोगों की जान गई। जलियांवाला बाग हत्याकांड के 2 साल के भीतर ही हुए इस हत्याकांड के बाद अंग्रेज सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और भी हिंसक हो गए।

ननकाना साहिब हत्याकांड में शहीद हुए लोगों को याद करते हुए पाकिस्तान सरकार ने 2014 में यहां स्मारक बनवाया।

ननकाना साहिब, पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त में स्थित एक शहर है। इसका वर्तमान नाम सिखों के पहले गुरू गुरू नानक देव जी के नाम पर पड़ा है।

यह लाहौर से 80 किमी दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। चूंकि यह स्थान गुरू नानक देव का जन्मस्थान है, यह सिखों का पवित्र ऐतिहासिक स्थान (तीर्थ) है। यह विश्व भर के सिखों का प्रसिद्ध तीर्थस्थल है। यहाँ का गुरुद्वारा साहिब बहुत प्रसिद्ध है।

महाराजा रणजीत सिंह ने गुरु नानकदेव के जन्म स्थान पर गुरुद्वारा का निर्माण कराया था।

साभार : दैनिक भास्कर

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